नॉर्वे की युवराज्ञी अस्पताल में और बेटा जेल में

saptranghindustan   |   June 24, 2026   |   1 min read
Norway-Crown Princes: विधि का विधान भी कई बार कितना विचित्र होता है! नॉर्वे की 52 वर्षीय युवराज्ञी (क्राउन प्रिंसेस) मेत्ते-मारित, 2018 से ही फेफड़ों की एक असाध्य बीमारी से जूझ रही थीं। एक लंबी प्रतीक्षा के बाद, 17 जून को प्रतिरोपित एक नए फेफड़े के साथ अब वे अस्पताल में हैं। युवराज हाकोन मग्नुस के साथ उनके विवाह से पहले का 29 साल का उनका एक बेटा भी है— मारियुस बोर्ग ह्यिबी। बलात्कार के दो गंभीर मामलों के कारण, अदालत ने उसे 4 साल की सज़ा काटने के लिए इन्हीं दिनों जेल भेज दिया है!
युवराज्ञी मेत्ते-मारित की मुश्किल घड़ी आधिकारिक तौर पर अक्टूबर 2018 में शुरू हुई थी। उस समय, नॉर्वे के राजमहल ने घोषणा की थी कि वे फेफड़ों के “क्रॉनिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस” रोग से पीड़ित हैं—यह फेफड़ों में होने वाली एक जानलेवा असाध्य बीमारी है। डॉक्टरों ने इस बीमारी का पता शुरुआती दौर में ही लगा लिया था। मेत्ते-मारित ने उस समय घोषणा की कि जब तक संभव होगा, वे अपने राजकीय दायित्व निभाती रहेंगी।

बीमारी बढ़ती ही गई

समय के साथ बीमारी का असर बढ़ता ही गया। मेत्ते-मारित को बार-बार अपने कार्यक्रम रद्द करने पड़े—चाहे वे अपने पति हाकोन के साथ रही हों या अकेले—सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होना कम करना और लंबे समय तक आराम करना पड़ा।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से इतर, 2019 में यौन शोषण के लिए बदनाम हो गए अमेरिकी बैंकर जेफरी एपस्टीन के साथ मेत्ते-मारित का ईमेल से वर्षों तक चला करीबी संपर्क भी था। मीडिया रिपोर्टों से पता चला कि 2011 और 2013 के बीच वह कई बार इस अमेरिकी अरबपति से मिली भी थीं। हंगामा होने पर, एक सार्वजनिक बयान जारी कर उन्होंने एपस्टीन के साथ अपने व्यवहार में हुई ग़लतियों को स्वीकार किया। समय के साथ यह बहस भले ही धीमी पड़ती गई, मेत्ते-मारित का स्वास्थ्य भी बिगड़ता ही गया। दैनिक जीवन हर दिन के साथ दुष्कर होने लगा।
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